मुजफ्फरनगर ( रिपोर्ट : टी एन भारती ) भारत के देहाती इलाका में शिक्षा के विकास हेतु मुजफ्फरनगर के हरसोली गांव में स्थापित रेडियंट इस्लामिक अकाडमी हाई स्कूल में अलकाजी उर्दू अकाडेमी एंड कोचिंग ट्रस्ट द्वारा मदरसा और स्कूल छात्र छात्राओं के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई। इस अवसर पर अकाडेमी की संस्थापक कर्मठ समाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट शानजबीन काजी ने। कहा कि भारत के देहाती इलाकों में बच्चों तथा यूवा पीढ़ी को शिक्षा द्वारा प्रोत्साहित करना अति आवश्यक है। अलकाजी अकाडेमी प्रत्येक वर्ष मदरसा तथा प्राइमरी स्कूलों से बारहवीं कक्षा तक के छात्र छात्राओं के लिए प्रतियोगिता आयोजित करती है। परीक्षा में विशेष रूप से विज्ञान , इतिहास, एम सी क्यूं , करंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी, पैनटिग , विषय पर परीक्षा ली जाती हैं। पिछले पन्द्रह साल से कार्य क्रम हो रहा है। गत वर्ष दो सौ छात्रों ने भाग लिया। जिस में दस भाग्य शाली छात्र छात्राओं को अवार्ड दिया गया। प्रथम पुरस्कार सिदरा सिद्दीकी , दूसरा इनाम शाहिद , तीसरा पुरस्कार सना अली को दिया गया। तीनों टार्पस को मेडल, सनद तथा साईकिल भेंट की गई। इस के अतिरिक्त शुएब चौधरी, इकरा चौधरी, रिहान चौधरी, अरमान, वली आदम, अमान चौधरी, और साअद के नाम भी पुरस्करित किया गया।
विशेष अतिथि के रूप में डाक्टर वसीम राशिद ने कहा कि हरसोली गांव में शिक्षा पर काम करना गोरमय है।
साकेत कोर्ट की एडवोकेट रजिया प्रवीण ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट शानजबीन काजी के प्रयत्न से बच्चों का उज्जवल भविष्य बाह फैलाए
खड़ा है। दी हिन्द गुरु इन्टरनेशनल स्कूल के संस्थापक नूर नवाज़ खान ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय शिक्षा क्षेत्र में अधिक पिछड़े पन का। शिकार हैं।अतः शिक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
कार्य क्रम में डाक्टर सय्यद यासर , जिशान, प्रोफेसर अनीस आसारा, शाहीना चौधरी, नदीम अहमद, मोनिश, राजपाल, अलविश चौधरी, साएमा, सूफिया, अमीना, हिना नाज़, गांव की मुखिया मनकीमना ने कार्य क्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

