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जश्न ए अदब कल्चरल कारवा विरासत कार्यक्रम समापन समारोह आयोजित :

जश्न ए अदब कल्चरल कारवा विरासत कार्यक्रम समापन समारोह आयोजित :
रिपोर्ट : टी एन भारती
देहरादून : भारत सरकार के संस्कृत मंत्रालय तथा पर्यटन मंत्रालय द्वारा विधान सभा कालोनी के सभागार मे दो दिवसीय जश्न ए अदब समारोह आयोजित किया गया ।
इस अवसर पर जश्न ए अदब के संस्थापक कुंवर रंजीत चौहान ने कहा कि पिछले तैराह वर्षो से भारत के विभिन्न राज्यो मे यह कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है । पूर्व आई आर एन अधिकारी विपिन चंद्र से विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कला , संगीत साहित्य मनुष्य जीवन का अभिन्न अंग है।
प्रसिद्ध दास्तान गो सैय्यद साहिल आगा ने उर्दू साहित्य पर एतिहासिक रूप से उर्दू की कहानी , अमीर खुसरो तथा गालिब के खतो की दास्तान को अनोखे अंदाज से प्रस्तुत किया। दास्तान गोई द्वारा सैय्यद साहिल आगा ने भारत का इतिहास मधुर आवाज मे पेश किया युवा पीढी ने बहुत पसन्द किया । साहिल ने कहा कि गालिब के खत सुनाने वाले अब बाकी नही रहे जब कि गालिब के खतो मे भारत का इतिहास पढने को मिलता है अत: दास्तान गोई द्वारा गालिब को भली भाती उजागर करने का प्रयास किया गया है। इस दौरान मुम्बई की कलाकार फारीहा खान ने गालिब के खत सुनाए।
किन्नर समाज की चुनौतीयो के अन्तर्गत प्रसिद्ध लेखक डाक्टर महेंद्र भीष्म तथा डाक्टर जूही गर्ग ने किन्नर की दैनिक कठिनाईयो पर प्रकाश डाला। महफिल ए कव्वाली मे सरफराज अनवर साबरी ने र॔ग जमाया । शेरी नशिसत मे शाहिद अंजूम, कर्नल गौतम , वसीम नादिर, अभिषेक तिवारी इत्यादी ने भाग लिय्। महफिल ए रक्स मे कथक नृत्य रिचा जैन एंड समूह तथा सूफी ज्ञान राजीव सिंह एंड गुरूप ने प्रस्तुत किया। पद्म भूषण विजय पंडित साजन मिश्रा ने शास्त्रीय संगीत से सब का दिल मोह लिया ।
पंचायत वेब श्रृंखला के कलाकार फैसल खान ने भविष्य मे वेब सीरीज के महत्व पर प्रकाश डाला।
कवि सम्मेलन तथा मुशायरा मे पद्म श्री विजेता हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने भारत की गंगा जमनी सभ्यता पर कविता पेश की । इस के अतिरिक्त शार्क कैफी, कुंवर रंजीत चौहान, अश्वनी कुमार चांद इत्यादि ने अपनी कविता तथा गजल प्रस्तुत को।

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